क्रिकेट की दुनिया में कहा जाता है कि रिकॉर्ड टूटने के लिए ही बनते हैं। लेकिन, जब बात विराट कोहली (Virat Kohli) की आती है, तो ऐसा लगता है कि रिकॉर्ड्स खुद उनके पीछे भाग रहे हैं। साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है, और ‘किंग कोहली’ का बल्ला रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
अभी हाल ही में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ खेली गई वनडे सीरीज में विराट ने जो कारनामा किया है, उसने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उन्हें आधुनिक क्रिकेट का GOAT (Greatest of All Time) क्यों कहा जाता है। चाहे बात रन बनाने की हो या अपनी टीम को जीत दिलाने की, विराट आज भी उसी भूख और जुनून के साथ खेलते हैं, जैसे उन्होंने एक दशक पहले शुरू किया था।
आज के इस ब्लॉग में, हम विराट कोहली के उन दो ताज़ा रिकॉर्ड्स के बारे में बात करेंगे, जिन्होंने क्रिकेट के दिग्गजों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। क्या विराट अब सचिन तेंदुलकर के सबसे बड़े रिकॉर्ड्स के करीब पहुँच गए हैं? आइए जानते हैं।
‘प्लेयर ऑफ द मैच’ सचिन के बाद अब सिर्फ विराट का जलवा
वनडे क्रिकेट में किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ा सम्मान होता है अपनी टीम को जिताना और ‘मैन ऑफ द मैच’ या ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ (POTM) का अवॉर्ड हासिल करना। यह अवॉर्ड सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है; यह बताता है कि आपने मैच पर कितना बड़ा प्रभाव डाला है। विराट कोहली अब वनडे इतिहास में सबसे ज्यादा ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ जीतने वालों की सूची में तीसरे स्थान पर मजबूती से जम गए हैं।
जरा इन आंकड़ों पर नजर डालिए:
- सचिन तेंदुलकर (भारत): 62 अवॉर्ड्स
- सनथ जयसूर्या (श्रीलंका): 48 अवॉर्ड्स
- विराट कोहली (भारत): 45 अवॉर्ड्स
सचिन और जयसूर्या का सफर पूरा हो चुका है, लेकिन विराट का कारवां अभी भी जारी है। अगर हम आज खेल रहे खिलाड़ियों की बात करें, तो विराट को टक्कर देने वाला दूर-दूर तक कोई नहीं दिखता। 45 अवॉर्ड्स के साथ वे इस दौर के निर्विवाद ‘किंग’ हैं।
जिस रफ्तार से विराट खेल रहे हैं, अगर वे अगले 2-3 साल और खेलते हैं, तो सनथ जयसूर्या का 48 अवॉर्ड्स का रिकॉर्ड तो खतरे में है ही, साथ ही क्रिकेट फैंस की नजरें उस जादुई आंकड़े 62 पर भी टिकी हैं जो सचिन तेंदुलकर के नाम है।
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5 बार लगातार 50+ स्कोर: ऐसा करने वाले इकलौते बल्लेबाज
विराट कोहली को अक्सर ‘रन मशीन’ कहा जाता है, लेकिन मेरे हिसाब से उन्हें Consistency King कहा जाना चाहिए। वनडे क्रिकेट में एक अर्धशतक 50 runs बनाना आसान नहीं होता, लगातार दो मैचों में बनाना और भी मुश्किल है। लेकिन क्या आप लगातार 5 मैचों में 50 से ज्यादा रन बनाने की कल्पना कर सकते हैं?
विराट कोहली ने यह सिर्फ किया ही नहीं है, बल्कि इसे एक आदत बना लिया है। यह एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है! विराट कोहली वनडे इतिहास के इकलौते ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने पाँच अलग-अलग मौकों पर लगातार 5 या उससे ज्यादा बार 50+ का स्कोर बनाया है।
जी हाँ, आपने सही पढ़ा। उन्होंने अपने करियर में 5 बार ऐसा दौर देखा है जब उन्होंने लगातार पांच मैचों में अर्धशतक या शतक जड़े हों।
इस रिकॉर्ड की अहमियत समझने के लिए हमें दुनिया के अन्य महान बल्लेबाजों को देखना होगा:
- Quinton de Kock
- Kane Williamson
- Babar Azam
ये तीनों ही आधुनिक क्रिकेट के दिग्गज हैं, लेकिन ये तीनों अपने करियर में केवल दो-दो बार ही ऐसा कर पाए हैं। कहाँ 2 बार और कहाँ विराट का 5 बार! यह फासला बताता है कि विराट कोहली की निरंतरता का स्तर बाकी दुनिया से कितना ऊपर है।
अभी हाल ही में जनवरी 2026 न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 93 रनों की पारी खेलकर उन्होंने अपनी यह पाँचवीं ‘सक्सेसफुल स्ट्रीक’ पूरी की। उनके पिछले कुछ स्कोर (74, 135, 102, 65, 93) गवाह हैं कि वे किस फॉर्म में चल रहे हैं।
आखिर विराट ही क्यों? (द पर्सनल ओपिनियन)
एक क्रिकेट फैन के तौर पर, जब हम विराट को टीवी पर देखते हैं, तो हमें सिर्फ चौके-छक्के नहीं दिखते। हमें दिखता है उनका एटीट्यूड और उनकी फिटनेस।
37 साल की उम्र में भी विराट विकेटों के बीच चीते की तरह दौड़ते हैं। जब युवा खिलाड़ी थकने लगते हैं, तब विराट अपना गियर बदलते हैं। यही फिटनेस उन्हें लंबी पारियां खेलने और लगातार मैच जिताने में मदद करती है।
अक्सर लोग कहते हैं कि विराट अब पुराने जैसे नहीं रहे, लेकिन आंकड़े झूठ नहीं बोलते। ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ की संख्या यह बताती है कि वे आज भी टीम इंडिया के सबसे बड़े मैच विनर हैं। जब टीम मुसीबत में होती है, चेज़ फंसा हुआ होता है, तो पूरा देश सिर्फ एक ही नाम जपता है—कोहली।
क्या सचिन का रिकॉर्ड खतरे में है?
अब सवाल यह उठता है कि क्या विराट कोहली सचिन तेंदुलकर के 62 ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ के रिकॉर्ड को तोड़ पाएंगे?
गणित देखें तो विराट अभी सचिन से 17 अवॉर्ड पीछे हैं। यह अंतर बड़ा लग सकता है, लेकिन विराट जिस तरह की क्रिकेट खेल रहे हैं, उसमें कुछ भी असंभव नहीं है। भले ही वे यह विशिष्ट आंकड़ा पार न कर पाएं, लेकिन रनों और शतकों के मामले में वे सचिन के बहुत करीब (और कुछ मामलों में आगे) निकल चुके हैं।
लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमें तुलना करने के बजाय इस दौर का आनंद लेना चाहिए। हम खुशकिस्मत हैं कि हम उस दौर में जी रहे हैं जहाँ हम एक लीजेंड को रोज नए इतिहास लिखते हुए देख रहे हैं।
दोस्तों, आपको क्या लगता है?
क्या विराट कोहली अपने रिटायरमेंट से पहले सचिन तेंदुलकर के 62 ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ के रिकॉर्ड को तोड़ पाएंगे? या फिर सनथ जयसूर्या (48) को पछाड़कर दूसरे नंबर पर ही रहेंगे? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर लिखें!
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